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एलईडी घटक डेटाशीट - जीवनचक्र चरण संशोधन 3 - रिलीज़ तिथि 2013-07-05 - हिन्दी तकनीकी दस्तावेज़

एलईडी घटक के जीवनचक्र चरण, संशोधन इतिहास और रिलीज़ जानकारी का विवरण देने वाली तकनीकी डेटाशीट। संशोधन नियंत्रण और दस्तावेज़ स्थायित्व पर केंद्रित।
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PDF दस्तावेज़ कवर - एलईडी घटक डेटाशीट - जीवनचक्र चरण संशोधन 3 - रिलीज़ तिथि 2013-07-05 - हिन्दी तकनीकी दस्तावेज़

विषय सूची

1. उत्पाद अवलोकन

यह तकनीकी दस्तावेज़ एक विशिष्ट इलेक्ट्रॉनिक घटक, संभवतः एक एलईडी या समान अर्धचालक उपकरण के लिए जीवनचक्र और संशोधन नियंत्रण जानकारी प्रदान करता है। प्रस्तुत मूल जानकारी दस्तावेज़ की संशोधन स्थिति और उसकी रिलीज़ विवरण की औपचारिक घोषणा है। "जीवनचक्र चरण: संशोधन" इंगित करता है कि दस्तावेज़ नियंत्रित अपडेट और सुधार की स्थिति में है। "समाप्ति अवधि: सदैव" दर्शाता है कि दस्तावेज़ के इस विशेष संशोधन की कोई नियोजित समाप्ति तिथि नहीं है और यह उत्पाद विशिष्टता के इस संस्करण के लिए निश्चित संदर्भ बनने का इरादा रखता है। सभी प्रविष्टियों में एक समान रिलीज़ तिथि तकनीकी डेटा के लिए एक एकल, समन्वित अपडेट घटना की ओर इशारा करती है।

ऐसे दस्तावेज़ का प्राथमिक उद्देश्य विनिर्माण, खरीद और डिज़ाइन प्रक्रियाओं में अनुरेखण क्षमता और स्थिरता सुनिश्चित करना है। एक विशिष्ट संशोधन को "सदैव" समाप्ति के साथ लॉक करके, यह गारंटी देता है कि उत्पाद जीवनचक्र में शामिल सभी पक्ष तकनीकी मापदंडों और विशिष्टताओं के ठीक उसी सेट का संदर्भ ले रहे हैं, जिससे पुराने या मसौदा दस्तावेज़ों के संदर्भ से उत्पन्न होने वाली अस्पष्टता समाप्त हो जाती है।

2. तकनीकी मापदंडों की गहन वस्तुनिष्ठ व्याख्या

हालांकि प्रदान किया गया पीडीएफ अंश दस्तावेज़ मेटाडेटा पर केंद्रित है, एक इलेक्ट्रॉनिक घटक के लिए पूर्ण डेटाशीट में कई महत्वपूर्ण तकनीकी अनुभाग शामिल होंगे। स्निपेट में विशिष्ट संख्यात्मक मापदंडों की अनुपस्थिति के कारण ऐसे अनुभागों में आम तौर पर क्या शामिल होता है, इसकी एक सामान्य व्याख्या आवश्यक है।

2.1 प्रकाशमितीय और विद्युत विशेषताएँ

एक व्यापक डेटाशीट निर्दिष्ट स्थितियों में घटक के प्रदर्शन का विवरण देती है। एक प्रकाश-उत्सर्जक घटक के लिए, इसमें शामिल हैंप्रकाशमितीय विशेषताएँजैसे ज्योति फ्लक्स (लुमेन में मापा गया), प्रमुख तरंगदैर्ध्य या सहसंबद्ध रंग तापमान (सीसीटी, केल्विन में मापा गया), रंग प्रतिपादन सूचकांक (सीआरआई), और देखने का कोण।विद्युत विशेषताएँसमान रूप से महत्वपूर्ण हैं, जो एक दिए गए परीक्षण धारा पर अग्र वोल्टेज (Vf), अधिकतम अग्र धारा, रिवर्स वोल्टेज और शक्ति अपव्यय निर्दिष्ट करती हैं। ये मापदंड उचित ड्राइविंग सर्किटरी डिज़ाइन करने और सुरक्षित संचालन क्षेत्रों (एसओए) के भीतर विश्वसनीय संचालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक हैं।

2.2 तापीय विशेषताएँ

अर्धचालक विश्वसनीयता के लिए तापीय प्रबंधन सर्वोपरि है। डेटाशीट में जंक्शन से सोल्डर बिंदु या परिवेशी वायु तक तापीय प्रतिरोध (Rth) निर्दिष्ट करना चाहिए। यह अधिकतम जंक्शन तापमान (Tj max) भी परिभाषित करेगा। इन मूल्यों को समझने से इंजीनियर पर्याप्त हीट सिंकिंग या पीसीबी लेआउट डिज़ाइन कर सकते हैं ताकि तापीय भगदड़ को रोका जा सके और दीर्घकालिक प्रदर्शन और जीवनकाल सुनिश्चित किया जा सके, क्योंकि उच्च तापमान सीधे ज्योति उत्पादन को कम करते हैं और विफलता तंत्र को तेज करते हैं।

3. बिनिंग प्रणाली स्पष्टीकरण

विनिर्माण भिन्नताएँ अर्धचालक उत्पादन में निहित होती हैं। एक बिनिंग प्रणाली उत्पादन-उपरांत मापे गए प्रदर्शन के आधार पर घटकों को वर्गीकृत करती है ताकि अंतिम उपयोगकर्ता के लिए स्थिरता सुनिश्चित की जा सके।

3.1 तरंगदैर्ध्य/रंग तापमान बिनिंग

घटकों को उनके सटीक प्रमुख तरंगदैर्ध्य (एकवर्णी एलईडी के लिए) या सहसंबद्ध रंग तापमान (सफेद एलईडी के लिए) के आधार पर बिन में वर्गीकृत किया जाता है। यह सुनिश्चित करता है कि एक ही बिन से एलईडी के साथ असेंबल किए गए उत्पादों का रंग उपस्थिति एक समान हो, जो डिस्प्ले बैकलाइटिंग या वास्तुशिल्प प्रकाश व्यवस्था जैसे अनुप्रयोगों के लिए महत्वपूर्ण है।

3.2 ज्योति फ्लक्स बिनिंग

एलईडी को एक मानक परीक्षण धारा पर उनके प्रकाश उत्पादन के अनुसार भी बिन किया जाता है। यह डिज़ाइनरों को ऐसे घटकों का चयन करने की अनुमति देता है जो विशिष्ट चमक आवश्यकताओं को पूरा करते हैं और उत्पादन रन में स्थिरता बनाए रखते हैं।

3.3 अग्र वोल्टेज बिनिंग

अग्र वोल्टेज (Vf) के आधार पर छँटाई अधिक कुशल और सुसंगत ड्राइवर सर्किट डिज़ाइन करने में मदद करती है। समान Vf विशेषताओं वाले एलईडी को समूहित करने से समानांतर विन्यास में धारा असंतुलन कम से कम हो जाता है, जिससे अधिक एकसमान चमक और बेहतर समग्र प्रणाली दक्षता प्राप्त होती है।

4. प्रदर्शन वक्र विश्लेषण

ग्राफिकल डेटा एकल-बिंदु विशिष्टताओं से परे घटक व्यवहार में गहरी अंतर्दृष्टि प्रदान करता है।

4.1 धारा-वोल्टेज (I-V) अभिलक्षण वक्र

यह वक्र अग्र धारा (If) और अग्र वोल्टेज (Vf) के बीच संबंध को दर्शाता है। यह अरेखीय है, जो एक टर्न-ऑन वोल्टेज और फिर एक क्षेत्र दिखाता है जहां वोल्टेज धारा के साथ धीरे-धीरे बढ़ता है। यह वक्र ड्राइवर डिज़ाइन, विशेष रूप से निरंतर-धारा स्रोतों के लिए, मौलिक है।

4.2 तापमान निर्भरता वक्र

ये ग्राफ दर्शाते हैं कि अग्र वोल्टेज, ज्योति फ्लक्स और प्रमुख तरंगदैर्ध्य जैसे प्रमुख मापदंड जंक्शन तापमान में परिवर्तन के साथ कैसे बदलते हैं। आम तौर पर, Vf बढ़ते तापमान के साथ घटता है, जबकि प्रकाश उत्पादन भी घटता है। इन संबंधों को समझना ऐसी प्रणालियों को डिज़ाइन करने के लिए महत्वपूर्ण है जो संचालन तापमान सीमा में प्रदर्शन बनाए रखती हैं।

4.3 स्पेक्ट्रल पावर वितरण

रंग-महत्वपूर्ण अनुप्रयोगों के लिए, प्रत्येक तरंगदैर्ध्य पर उत्सर्जित प्रकाश की सापेक्ष तीव्रता दिखाने वाला एक ग्राफ प्रदान किया जाता है। सफेद एलईडी के लिए, यह नीला पंप शिखर और व्यापक फॉस्फर उत्सर्जन स्पेक्ट्रम दिखाता है, जो रंग गुणवत्ता को परिभाषित करता है।

5. यांत्रिक और पैकेजिंग जानकारी

पीसीबी डिज़ाइन और असेंबली के लिए सटीक भौतिक विशिष्टताएँ आवश्यक हैं।

5.1 आयामी रूपरेखा चित्र

महत्वपूर्ण आयामों (लंबाई, चौड़ाई, ऊंचाई) और सहनशीलताओं के साथ एक विस्तृत चित्र। यह घटक के फुटप्रिंट और प्रोफाइल को परिभाषित करता है, जिसे यांत्रिक डिज़ाइन में समायोजित किया जाना चाहिए।

5.2 पैड लेआउट डिज़ाइन

अनुशंसित पीसीबी लैंड पैटर्न (पैड आकार, आकार और अंतर) प्रदान किया जाता है ताकि रीफ्लो के दौरान उचित सोल्डर जोड़ निर्माण और विश्वसनीय यांत्रिक संलग्नक सुनिश्चित किया जा सके।

5.3 ध्रुवता पहचान

एनोड और कैथोड की पहचान करने की विधि (जैसे, एक खांचा, एक बिंदु, या अलग-अलग लीड लंबाई) स्पष्ट रूप से इंगित की जाती है ताकि असेंबली के दौरान रिवर्स माउंटिंग को रोका जा सके।

6. सोल्डरिंग और असेंबली दिशानिर्देश

अनुचित हैंडलिंग घटकों को नुकसान पहुंचा सकती है। ये दिशानिर्देश असेंबली प्रक्रिया संगतता सुनिश्चित करते हैं।

6.1 रीफ्लो सोल्डरिंग प्रोफाइल

रीफ्लो सोल्डरिंग के लिए एक अनुशंसित तापमान बनाम समय प्रोफाइल निर्दिष्ट की जाती है, जिसमें प्रीहीट, सोक, रीफ्लो पीक तापमान और कूलिंग दरें शामिल हैं। इस प्रोफाइल का पालन करने से तापीय आघात और एलईडी पैकेज या आंतरिक डाई को नुकसान से बचा जाता है।

6.2 सावधानियाँ और हैंडलिंग

निर्देशों में आम तौर पर यांत्रिक तनाव लगाने के खिलाफ चेतावनियाँ, हैंडलिंग के दौरान इलेक्ट्रोस्टैटिक डिस्चार्ज (ईएसडी) सुरक्षा की आवश्यकता, और उन सफाई सॉल्वेंट्स से बचना शामिल होता है जो लेंस या एनकैप्सुलेंट को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

6.3 भंडारण स्थितियाँ

दीर्घकालिक भंडारण के लिए अनुशंसित तापमान और आर्द्रता सीमा प्रदान की जाती है ताकि नमी अवशोषण (जो रीफ्लो के दौरान "पॉपकॉर्निंग" का कारण बन सकता है) और अन्य गिरावट को रोका जा सके।

7. पैकेजिंग और ऑर्डरिंग जानकारी

यह अनुभाग विस्तार से बताता है कि घटक कैसे आपूर्ति किया जाता है और खरीद के लिए इसे कैसे निर्दिष्ट किया जाए।

7.1 पैकेजिंग विशिष्टताएँ

टेप और रील आयाम (सतह-माउंट उपकरणों के लिए), रील मात्रा, या ट्यूब या ट्रे जैसे अन्य पैकेजिंग प्रारूपों का वर्णन करता है।

7.2 लेबलिंग और मार्किंग

घटक बॉडी या पैकेजिंग पर मुद्रित कोड की व्याख्या करता है, जिसमें अक्सर पार्ट नंबर, तिथि कोड और बिनिंग जानकारी शामिल होती है।

7.3 मॉडल नंबर नामकरण

पार्ट नंबर स्ट्रिंग को तोड़ता है ताकि यह समझाया जा सके कि प्रत्येक खंड विशिष्ट विशेषताओं जैसे रंग, फ्लक्स बिन, वोल्टेज बिन, पैकेजिंग प्रकार आदि से कैसे मेल खाता है, जिससे सटीक ऑर्डरिंग सक्षम होती है।

8. अनुप्रयोग सिफारिशें

8.1 विशिष्ट अनुप्रयोग सर्किट

मूल निरंतर-धारा ड्राइवर सर्किट के लिए योजनाबद्ध आरेख प्रदान किए जा सकते हैं, जो अक्सर कम-शक्ति संकेतकों के लिए एक साधारण रोकनेवाला या उच्च-शक्ति अनुप्रयोगों के लिए एक समर्पित एलईडी ड्राइवर आईसी का उपयोग करते हैं।

8.2 डिज़ाइन विचार

मुख्य सलाह में पर्याप्त हीट सिंकिंग सुनिश्चित करना, विस्तारित अवधि के लिए पूर्ण अधिकतम रेटिंग पर संचालन से बचना, तापीय डिरेटिंग पर विचार करना, और वोल्टेज ट्रांजिएंट या रिवर्स पोलैरिटी कनेक्शन से सुरक्षा शामिल है।

9. तकनीकी तुलना

हालांकि हमेशा एकल-डेटाशीट में नहीं, एक तुलनात्मक विश्लेषण पिछली पीढ़ियों या वैकल्पिक प्रौद्योगिकियों की तुलना में उच्च ज्योति दक्षता (वाट प्रति लुमेन), बेहतर रंग एकरूपता, कम तापीय प्रतिरोध, या अधिक कॉम्पैक्ट फॉर्म फैक्टर जैसे लाभों को उजागर कर सकता है, जो आधुनिक डिज़ाइनों में इसके उपयोग को उचित ठहराता है।

10. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सामान्य तकनीकी प्रश्नों के आधार पर: तापमान चमक और रंग को कैसे प्रभावित करता है? दक्षता और जीवनकाल के संतुलन के लिए अनुशंसित ड्राइव धारा क्या है? क्या कई एलईडी को सीधे समानांतर में जोड़ा जा सकता है? एलईडी को ईएसडी से कैसे बचाया जाना चाहिए? विशिष्ट संचालन स्थितियों के तहत अपेक्षित जीवनकाल (L70/B50) क्या है?

11. व्यावहारिक उपयोग के मामले

उदाहरणों में शामिल हैं:मामला 1: बैकलाइटिंग यूनिट– एक लिक्विड क्रिस्टल डिस्प्ले पैनल पर एक समान रंग और चमक के लिए कसकर बिन किए गए एलईडी का उपयोग करना।मामला 2: वास्तुशिल्प रैखिक फिक्स्चर– एक बंद ल्यूमिनेयर में आउटपुट और रंग स्थिरता बनाए रखने के लिए तापीय मापदंडों को ध्यान में रखते हुए डिज़ाइन करना।मामला 3: ऑटोमोटिव सिग्नल लैंप– ऐसे घटकों का चयन करना जो विशिष्ट नियामक प्रकाशमितीय आवश्यकताओं को पूरा करते हैं और कठोर पर्यावरणीय परिस्थितियों का सामना कर सकते हैं।

12. सिद्धांत परिचय

प्रकाश उत्सर्जक डायोड अर्धचालक उपकरण हैं जो इलेक्ट्रोलुमिनेसेंस के माध्यम से प्रकाश उत्सर्जित करते हैं। जब p-n जंक्शन के पार एक अग्र वोल्टेज लगाया जाता है, तो इलेक्ट्रॉन होल के साथ पुनर्संयोजित होते हैं, जिससे फोटॉन के रूप में ऊर्जा मुक्त होती है। प्रकाश का तरंगदैर्ध्य (रंग) अर्धचालक सामग्री के ऊर्जा बैंडगैप द्वारा निर्धारित होता है। सफेद एलईडी आम तौर पर एक नीले या पराबैंगनी एलईडी चिप को एक फॉस्फर सामग्री के साथ कोटिंग करके बनाई जाती है जो उत्सर्जित प्रकाश के कुछ हिस्से को लंबी तरंगदैर्ध्य में परिवर्तित कर देती है, जिससे एक व्यापक स्पेक्ट्रम उत्पन्न होता है जिसे सफेद के रूप में माना जाता है।

13. विकास प्रवृत्तियाँ

यह क्षेत्र उच्च दक्षता (वाट प्रति अधिक लुमेन), बेहतर रंग प्रतिपादन सूचकांक (लाल संतृप्ति के लिए सीआरआई और R9), और उच्च तापमान और धाराओं पर उच्च विश्वसनीयता की ओर लगातार आगे बढ़ रहा है। लघुकरण एक प्रवृत्ति बनी हुई है, जो नए फॉर्म फैक्टरों को सक्षम कर रही है। मानव-केंद्रित प्रकाश व्यवस्था में भी महत्वपूर्ण विकास हो रहा है, जो सर्कैडियन लय को प्रभावित करने के लिए स्पेक्ट्रल सामग्री को ट्यून कर रहा है, और अगली पीढ़ी के डिस्प्ले के लिए माइक्रो-एलईडी प्रौद्योगिकी में भी। स्थिरता के लिए प्रयास महत्वपूर्ण सामग्रियों के कम उपयोग और बेहतर पुनर्चक्रण क्षमता के लिए प्रेरित करता है।

LED विनिर्देश शब्दावली

LED तकनीकी शर्तों की संपूर्ण व्याख्या

प्रकाश विद्युत प्रदर्शन

शब्द इकाई/प्रतिनिधित्व सरल स्पष्टीकरण क्यों महत्वपूर्ण है
दीप्ति दक्षता lm/W (लुमेन प्रति वाट) बिजली के प्रति वाट प्रकाश उत्पादन, उच्च का अर्थ अधिक ऊर्जा कुशल। सीधे ऊर्जा दक्षता ग्रेड और बिजली लागत निर्धारित करता है।
दीप्ति प्रवाह lm (लुमेन) स्रोत द्वारा उत्सर्जित कुल प्रकाश, आमतौर पर "चमक" कहा जाता है। निर्धारित करता है कि प्रकाश पर्याप्त चमकीला है या नहीं।
देखने का कोण ° (डिग्री), उदा., 120° कोण जहां प्रकाश तीव्रता आधी हो जाती है, बीम चौड़ाई निर्धारित करता है। प्रकाश व्यवस्था रेंज और एकरूपता को प्रभावित करता है।
सीसीटी (रंग तापमान) K (केल्विन), उदा., 2700K/6500K प्रकाश की गर्माहट/ठंडक, निचले मान पीले/गर्म, उच्च सफेद/ठंडे। प्रकाश व्यवस्था वातावरण और उपयुक्त परिदृश्य निर्धारित करता है।
सीआरआई / आरए इकाईहीन, 0–100 वस्तु रंगों को सही ढंग से प्रस्तुत करने की क्षमता, Ra≥80 अच्छा है। रंग प्रामाणिकता को प्रभावित करता है, मॉल, संग्रहालय जैसे उच्च मांग वाले स्थानों में उपयोग किया जाता है।
एसडीसीएम मैकएडम दीर्घवृत्त चरण, उदा., "5-चरण" रंग संगति मीट्रिक, छोटे चरण अधिक संगत रंग का मतलब। एलईडी के एक ही बैच में एक समान रंग सुनिश्चित करता है।
प्रमुख तरंगदैर्ध्य nm (नैनोमीटर), उदा., 620nm (लाल) रंगीन एलईडी के रंग के अनुरूप तरंगदैर्ध्य। लाल, पीले, हरे मोनोक्रोम एलईडी के रंग की छटा निर्धारित करता है।
वर्णक्रमीय वितरण तरंगदैर्ध्य बनाम तीव्रता वक्र तरंगदैर्ध्य में तीव्रता वितरण दिखाता है। रंग प्रस्तुति और गुणवत्ता को प्रभावित करता है।

विद्युत मापदंड

शब्द प्रतीक सरल स्पष्टीकरण डिजाइन विचार
फॉरवर्ड वोल्टेज Vf एलईडी चालू करने के लिए न्यूनतम वोल्टेज, "प्रारंभिक सीमा" की तरह। ड्राइवर वोल्टेज ≥Vf होना चाहिए, श्रृंखला एलईडी के लिए वोल्टेज जुड़ते हैं।
फॉरवर्ड करंट If सामान्य एलईडी संचालन के लिए करंट मान। आमतौर पर स्थिर धारा ड्राइव, करंट चमक और जीवनकाल निर्धारित करता है।
अधिकतम पल्स करंट Ifp छोटी अवधि के लिए सहन करने योग्य पीक करंट, डिमिंग या फ्लैशिंग के लिए उपयोग किया जाता है। क्षति से बचने के लिए पल्स चौड़ाई और ड्यूटी साइकिल को सख्ती से नियंत्रित किया जाना चाहिए।
रिवर्स वोल्टेज Vr अधिकतम रिवर्स वोल्टेज एलईडी सहन कर सकता है, इसके आगे ब्रेकडाउन हो सकता है। सर्किट को रिवर्स कनेक्शन या वोल्टेज स्पाइक्स को रोकना चाहिए।
थर्मल रेजिस्टेंस Rth (°C/W) चिप से सोल्डर तक गर्मी हस्तांतरण का प्रतिरोध, कम बेहतर है। उच्च थर्मल रेजिस्टेंस के लिए मजबूत हीट डिसिपेशन की आवश्यकता होती है।
ईएसडी प्रतिरक्षा V (HBM), उदा., 1000V इलेक्ट्रोस्टैटिक डिस्चार्ज का सामना करने की क्षमता, उच्च का मतलब कम असुरक्षित। उत्पादन में एंटी-स्टैटिक उपायों की आवश्यकता होती है, विशेष रूप से संवेदनशील एलईडी के लिए।

थर्मल प्रबंधन और विश्वसनीयता

शब्द मुख्य मीट्रिक सरल स्पष्टीकरण प्रभाव
जंक्शन तापमान Tj (°C) एलईडी चिप के अंदर वास्तविक संचालन तापमान। हर 10°C कमी जीवनकाल दोगुना कर सकती है; बहुत अधिक प्रकाश क्षय, रंग परिवर्तन का कारण बनता है।
लुमेन मूल्यह्रास L70 / L80 (घंटे) चमक को प्रारंभिक के 70% या 80% तक गिरने का समय। सीधे एलईडी "सेवा जीवन" को परिभाषित करता है।
लुमेन रखरखाव % (उदा., 70%) समय के बाद बची हुई चमक का प्रतिशत। दीर्घकालिक उपयोग पर चमक प्रतिधारण को दर्शाता है।
रंग परिवर्तन Δu′v′ या मैकएडम दीर्घवृत्त उपयोग के दौरान रंग परिवर्तन की डिग्री। प्रकाश व्यवस्था दृश्यों में रंग संगति को प्रभावित करता है।
थर्मल एजिंग सामग्री क्षरण दीर्घकालिक उच्च तापमान के कारण क्षरण। चमक गिरावट, रंग परिवर्तन, या ओपन-सर्किट विफलता का कारण बन सकता है।

पैकेजिंग और सामग्री

शब्द सामान्य प्रकार सरल स्पष्टीकरण विशेषताएं और अनुप्रयोग
पैकेजिंग प्रकार ईएमसी, पीपीए, सिरेमिक चिप की सुरक्षा करने वाली आवास सामग्री, ऑप्टिकल/थर्मल इंटरफेस प्रदान करती है। ईएमसी: अच्छी गर्मी प्रतिरोध, कम लागत; सिरेमिक: बेहतर गर्मी अपव्यय, लंबी जीवन।
चिप संरचना फ्रंट, फ्लिप चिप चिप इलेक्ट्रोड व्यवस्था। फ्लिप चिप: बेहतर गर्मी अपव्यय, उच्च दक्षता, उच्च शक्ति के लिए।
फॉस्फर कोटिंग वाईएजी, सिलिकेट, नाइट्राइड ब्लू चिप को कवर करता है, कुछ को पीले/लाल में परिवर्तित करता है, सफेद में मिलाता है। विभिन्न फॉस्फर दक्षता, सीसीटी और सीआरआई को प्रभावित करते हैं।
लेंस/ऑप्टिक्स फ्लैट, माइक्रोलेंस, टीआईआर सतह पर प्रकाश वितरण नियंत्रित करने वाली ऑप्टिकल संरचना। देखने के कोण और प्रकाश वितरण वक्र निर्धारित करता है।

गुणवत्ता नियंत्रण और बिनिंग

शब्द बिनिंग सामग्री सरल स्पष्टीकरण उद्देश्य
दीप्ति प्रवाह बिन कोड उदा., 2G, 2H चमक के अनुसार समूहीकृत, प्रत्येक समूह में न्यूनतम/अधिकतम लुमेन मान होते हैं। एक ही बैच में एक समान चमक सुनिश्चित करता है।
वोल्टेज बिन कोड उदा., 6W, 6X फॉरवर्ड वोल्टेज रेंज के अनुसार समूहीकृत। ड्राइवर मिलान सुविधाजनक बनाता है, सिस्टम दक्षता में सुधार करता है।
रंग बिन 5-चरण मैकएडम दीर्घवृत्त रंग निर्देशांक के अनुसार समूहीकृत, एक तंग श्रेणी सुनिश्चित करना। रंग संगति की गारंटी देता है, फिक्स्चर के भीतर असमान रंग से बचाता है।
सीसीटी बिन 2700K, 3000K आदि सीसीटी के अनुसार समूहीकृत, प्रत्येक में संबंधित निर्देशांक श्रेणी होती है। विभिन्न दृश्य सीसीटी आवश्यकताओं को पूरा करता है।

परीक्षण और प्रमाणन

शब्द मानक/परीक्षण सरल स्पष्टीकरण महत्व
एलएम-80 लुमेन रखरखाव परीक्षण निरंतर तापमान पर दीर्घकालिक प्रकाश व्यवस्था, चमक क्षय रिकॉर्डिंग। एलईडी जीवन का अनुमान लगाने के लिए उपयोग किया जाता है (टीएम-21 के साथ)।
टीएम-21 जीवन अनुमान मानक एलएम-80 डेटा के आधार पर वास्तविक परिस्थितियों में जीवन का अनुमान लगाता है। वैज्ञानिक जीवन पूर्वानुमान प्रदान करता है।
आईईएसएनए प्रकाश व्यवस्था इंजीनियरिंग सोसायटी ऑप्टिकल, विद्युत, थर्मल परीक्षण विधियों को शामिल करता है। उद्योग-मान्यता प्राप्त परीक्षण आधार।
आरओएचएस / रीच पर्यावरण प्रमाणीकरण हानिकारक पदार्थ (सीसा, पारा) न होने की गारंटी देता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बाजार पहुंच आवश्यकता।
एनर्जी स्टार / डीएलसी ऊर्जा दक्षता प्रमाणीकरण प्रकाश व्यवस्था उत्पादों के लिए ऊर्जा दक्षता और प्रदर्शन प्रमाणीकरण। सरकारी खरीद, सब्सिडी कार्यक्रमों में उपयोग किया जाता है, प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाता है।