सामग्री
- 1. उत्पाद अवलोकन
- 2. गहन तकनीकी मापदंड विश्लेषण
- 2.1 पूर्ण अधिकतम रेटिंग
- 2.2 विद्युत एवं प्रकाशीय विशेषताएँ
- 2.2.1 इनपुट (अवरक्त LED) विशेषताएँ
- 2.2.2 आउटपुट (फोटोट्रांजिस्टर) विशेषताएँ
- 2.2.3 कपलर (सिस्टम) विशेषताएँ
- 3. प्रदर्शन वक्र विश्लेषण
- ये वक्र डिजाइनरों को कार्य बिंदु को अनुकूलित करने, प्रदर्शन समायोजन को समझने और सभी निर्दिष्ट शर्तों के तहत विश्वसनीय संचालन सुनिश्चित करने में सक्षम बनाते हैं।
- 4. मैकेनिकल और पैकेजिंग जानकारी
- एन्क्लोजर के अंदर एमिटर और डिटेक्टर के बीच की भौतिक खाई निश्चित होती है, जो वस्तुओं के गुजरने को रोकने वाली स्लॉट को परिभाषित करती है। इस खाई की सटीक चौड़ाई डायमेंशनल ड्रॉइंग में पाई जाने वाली एक महत्वपूर्ण मैकेनिकल स्पेसिफिकेशन है।
- सही ढंग से काम करने के लिए, सही पिन पहचान महत्वपूर्ण है। इस डिवाइस में चार पिन हैं। आमतौर पर, एक तरफ के दो पिन इन्फ्रारेड LED (एनोड और कैथोड) से संबंधित होते हैं, और दूसरी तरफ के दो पिन फोटोट्रांजिस्टर (कलेक्टर और एमिटर) से संबंधित होते हैं। डेटाशीट की पैकेजिंग ड्रॉइंग स्पष्ट रूप से पिन 1 को इंगित करेगी, आमतौर पर एन्क्लोजर पर एक नॉच, डॉट या बेवल के साथ। इलेक्ट्रिकल कैरेक्टरिस्टिक्स टेबल पुष्टि करता है कि कॉमन-एमिटर कॉन्फ़िगरेशन में, LED का एनोड पॉजिटिव होता है और NPN फोटोट्रांजिस्टर का कलेक्टर पॉजिटिव होता है।
- डिवाइस को निर्दिष्ट भंडारण तापमान सीमा -40°C से +100°C के भीतर, अधिमानतः एक शुष्क, इलेक्ट्रोस्टैटिक डिस्चार्ज-सुरक्षित वातावरण में संग्रहीत किया जाना चाहिए, ताकि नमी अवशोषण (जो रीफ्लो सोल्डरिंग के दौरान "पॉपकॉर्न" प्रभाव का कारण बन सकती है) और इलेक्ट्रोस्टैटिक डिस्चार्ज क्षति को रोका जा सके।
- 6. अनुप्रयोग सिफारिशें
- )।
- : विश्वसनीय संचालन सुनिश्चित करने के लिए, अवरोधक वस्तु और सेंसर स्लॉट के बीच सटीक यांत्रिक संरेखण आवश्यक है।
- ) और त्वरित स्विचिंग गति का विशिष्ट संयोजन, इसे स्थान-सीमित उच्च-गति अनुप्रयोगों के लिए उपयुक्त बनाता है।
- )। 3μs और 4μs की विशिष्ट अवधि के साथ, यह उपकरण दसियों kHz तक की आवृत्तियों को संभाल सकता है, जो उच्च-गति गिनती या एनकोडर अनुप्रयोगों के लिए उपयुक्त है।
- एक फोटोइंटरप्टर एक ट्रांसमिसिव ऑप्टोइलेक्ट्रॉनिक उपकरण है। इसमें एक इन्फ्रारेड प्रकाश स्रोत (LED) और एक प्रकाश संसूचक (फोटोट्रांजिस्टर) होता है, जो एक आवास के अंदर एक सटीक अंतराल के साथ आमने-सामने रखे जाते हैं। जब LED के माध्यम से धारा प्रवाहित होती है, तो यह इन्फ्रारेड प्रकाश उत्सर्जित करता है। यह प्रकाश अंतराल से होकर गुजरता है और फोटोट्रांजिस्टर के बेस क्षेत्र पर पड़ता है। फोटॉन बेस क्षेत्र में इलेक्ट्रॉन-होल युग्म उत्पन्न करते हैं, जो प्रभावी रूप से बेस करंट के रूप में कार्य करता है, जिससे ट्रांजिस्टर संचालित होता है और कलेक्टर करंट प्रवाहित होने देता है। जब एक अपारदर्शी वस्तु अंतराल में प्रवेश करती है, तो यह प्रकाश पथ को अवरुद्ध कर देती है। फोटो-जनित बेस करंट रुक जाता है, ट्रांजिस्टर बंद हो जाता है, और कलेक्टर करंट बहुत कम मान (डार्क करंट) तक गिर जाता है। आउटपुट करंट में इस ऑन/ऑफ परिवर्तन का उपयोग स्विचिंग सिग्नल के रूप में किया जाता है।
- LED विनिर्देश शब्दावली का विस्तृत विवरण
- 1. ऑप्टोइलेक्ट्रॉनिक प्रदर्शन के मुख्य संकेतक
- दो, विद्युत मापदंड
- तीन, ताप प्रबंधन और विश्वसनीयता
- चार, पैकेजिंग और सामग्री
- पाँच, गुणवत्ता नियंत्रण और ग्रेडिंग
- छह, परीक्षण और प्रमाणन
1. उत्पाद अवलोकन
LTH-301-23 एक कॉम्पैक्ट थ्रू-होल फोटोइंटरप्टर मॉड्यूल है, जो नॉन-कॉन्टैक्ट स्विचिंग अनुप्रयोगों के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह एक इन्फ्रारेड एमिटिंग डायोड और एक फोटोट्रांजिस्टर को एक ही आवास में एकीकृत करता है, जो एक भौतिक अंतराल द्वारा अलग किए गए हैं। इसका मूल संचालन सिद्धांत एमिटर और डिटेक्टर के बीच इन्फ्रारेड बीम को अवरुद्ध करना है, जिसके परिणामस्वरूप फोटोट्रांजिस्टर के आउटपुट स्थिति में संबंधित परिवर्तन होता है। यह इसे उन अनुप्रयोगों के लिए आदर्श बनाता है जिनमें भौतिक संपर्क के बिना स्थिति पहचान, वस्तु पहचान या सीमा स्विच की आवश्यकता होती है, जिससे यांत्रिक घिसाव समाप्त हो जाता है और उच्च विश्वसनीयता और तेज़ स्विचिंग गति प्राप्त होती है।
इसके मुख्य लाभों में नॉन-कॉन्टैक्ट संचालन शामिल है, जो लंबी सेवा जीवन प्रदान करता है; गिनती या गति पहचान के लिए उपयुक्त तेज़ प्रतिक्रिया समय; और सीधे PCB माउंटिंग या मानक डुअल इन-लाइन सॉकेट के साथ संगत डिज़ाइन, जो एकीकरण को सुविधाजनक बनाता है। लक्षित बाज़ार और अनुप्रयोग बहुत व्यापक हैं, जिसमें कार्यालय स्वचालन उपकरण (प्रिंटर, कॉपियर), औद्योगिक स्वचालन (कन्वेयर बेल्ट वस्तु पहचान, स्थिति पहचान), उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स और विभिन्न उपकरण और नियंत्रण प्रणालियाँ शामिल हैं।
2. गहन तकनीकी मापदंड विश्लेषण
2.1 पूर्ण अधिकतम रेटिंग
ये रेटिंग उन तनाव सीमाओं को परिभाषित करती हैं जो डिवाइस को स्थायी क्षति पहुँचा सकती हैं। इन स्थितियों में संचालन की गारंटी नहीं है। प्रमुख सीमाएँ शामिल हैं:
- इन्फ्रारेड डायोड निरंतर अग्र धारा (IF)): 60 mA. यह इन्फ्रारेड LED के माध्यम से प्रवाहित होने वाली अधिकतम स्थिर-अवस्था धारा है।
- इन्फ्रारेड डायोड पीक अग्र धारा): 1 A, 300 पल्स प्रति सेकंड, 10 μs पल्स चौड़ाई की स्थिति में। यह मजबूत सिग्नल पल्स की आवश्यकता वाले अनुप्रयोगों के लिए अल्पकालिक उच्च-तीव्रता पल्स की अनुमति देता है।
- फोटोट्रांजिस्टर कलेक्टर-एमिटर वोल्टेज (VCEO)): 30 V. आउटपुट ट्रांजिस्टर के कलेक्टर और एमिटर के बीच लागू की जा सकने वाली अधिकतम वोल्टेज।
- कार्य तापमान सीमा): -25°C से +85°C. यह उस परिवेश तापमान सीमा को परिभाषित करता है जिसमें डिवाइस विश्वसनीय रूप से संचालित होता है।
- पिन सोल्डरिंग तापमान): केस से 1.6 मिमी की दूरी पर, 260°C पर 5 सेकंड के लिए। यह थर्मल क्षति को रोकने के लिए असेंबली प्रक्रिया नियंत्रण के लिए महत्वपूर्ण है।
2.2 विद्युत एवं प्रकाशीय विशेषताएँ
ये पैरामीटर परिवेश के तापमान (TA) 25°C पर निर्दिष्ट हैं, जो विशिष्ट कार्य प्रदर्शन को परिभाषित करते हैं।
2.2.1 इनपुट (अवरक्त LED) विशेषताएँ
- फॉरवर्ड वोल्टेज (VF)): फॉरवर्ड करंट (IF) 20 mA पर, टाइपिकल रेंज 1.2V से 1.6V है। यह एलईडी ड्राइव सर्किट के लिए करंट-लिमिटिंग रेसिस्टर के मान की गणना करने के लिए उपयोग किया जाता है।
- रिवर्स करंट (IR)): रिवर्स वोल्टेज (VR) 5V पर, अधिकतम 100 μA। यह एलईडी के रिवर्स बायस्ड होने पर लीकेज करंट को दर्शाता है, जो बहुत कम है।
2.2.2 आउटपुट (फोटोट्रांजिस्टर) विशेषताएँ
- कलेक्टर-एमिटर ब्रेकडाउन वोल्टेज (V(BR)CEO)): न्यूनतम 30V। यह सुनिश्चित करता है कि ट्रांजिस्टर विशिष्ट सर्किट वोल्टेज को सहन कर सके।
- कलेक्टर-एमिटर डार्क करंट (ICEO)): VCE=10V पर, अधिकतम 100 nA। यह एलईडी बंद (प्रकाश रहित) होने पर लीकेज करंट है, जो "ऑफ स्टेट" के सिग्नल लेवल को निर्धारित करता है।
- कलेक्टर-एमिटर संतृप्ति वोल्टेज (VCE(SAT))): IC=0.2mA और IF=20mA पर, अधिकतम 0.4V। यह ट्रांजिस्टर के पूरी तरह से "चालू" होने पर इसके सिरों पर वोल्टेज ड्रॉप है, जो लॉजिक लेवल इंटरफेस के लिए महत्वपूर्ण है।
- चालू अवस्था कलेक्टर धारा (IC(ON))): VCE=5V और IF=20mA पर, न्यूनतम 0.4 mA। यह उपलब्ध न्यूनतम आउटपुट धारा को निर्दिष्ट करता है जब बीम अवरुद्ध नहीं होती है, जो सेंसर की संवेदनशीलता को परिभाषित करता है।
2.2.3 कपलर (सिस्टम) विशेषताएँ
- उदगम समय (tr)): VCE=5V, IC=2mA, RL=100Ω की परीक्षण स्थितियों में, विशिष्ट मान 3 μs, अधिकतम मान 15 μs।
- गिरावट का समय (tf)): समान परिस्थितियों में, विशिष्ट मान 4 μs, अधिकतम मान 20 μs।
ये प्रतिक्रिया समय आउटपुट के बंद से चालू (उदगम) और चालू से बंद (अवतरण) होने की स्विचिंग गति को परिभाषित करते हैं। तीव्र स्विचिंग गति (माइक्रोसेकंड स्तर) इसे तेजी से चलती वस्तुओं का पता लगाने या उच्च-गति गणना अनुप्रयोगों में उपयोग करने में सक्षम बनाती है।
3. प्रदर्शन वक्र विश्लेषण
डेटाशीट में विशिष्ट विद्युत/प्रकाशिक विशेषता वक्रों का उल्लेख किया गया है। हालांकि प्रदान किए गए पाठ में विशिष्ट चार्ट का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है, लेकिन इस प्रकार के उपकरणों के मानक वक्रों में आमतौर पर शामिल हैं:
- इन्फ्रारेड LED का फॉरवर्ड करंट बनाम फॉरवर्ड वोल्टेज वक्र (IF-VF)): एक अरेखीय संबंध दर्शाता है, जो ड्राइवर सर्किट डिजाइन के लिए महत्वपूर्ण है।
- फोटोट्रांजिस्टर का कलेक्टर करंट बनाम कलेक्टर-एमिटर वोल्टेज वक्र (IC-VCE): विभिन्न विकिरण स्तरों (LED धारा) पर, ये आउटपुट वक्र ट्रांजिस्टर के संचालन क्षेत्रों (कट-ऑफ क्षेत्र, सक्रिय क्षेत्र, संतृप्ति क्षेत्र) को दर्शाते हैं।
- करंट ट्रांसफर रेशियो (CTR) बनाम फॉरवर्ड करंट वक्र: CTR फोटोट्रांजिस्टर कलेक्टर करंट (IC) और LED फॉरवर्ड करंट (IF) का अनुपात है। यह वक्र ऑप्टिकल युग्मन की दक्षता और ड्राइविंग करंट के साथ इसके परिवर्तन को दर्शाता है।
- डार्क करंट (ICEO) और ऑन-स्टेट करंट (IC(ON))) का तापमान निर्भरता वक्र
: ये वक्र दर्शाते हैं कि चरम तापमान पर प्रदर्शन कैसे गिरता है, जो एक निर्दिष्ट तापमान सीमा के भीतर संचालित होने वाले मजबूत सिस्टम को डिजाइन करने के लिए महत्वपूर्ण है।
ये वक्र डिजाइनरों को कार्य बिंदु को अनुकूलित करने, प्रदर्शन समायोजन को समझने और सभी निर्दिष्ट शर्तों के तहत विश्वसनीय संचालन सुनिश्चित करने में सक्षम बनाते हैं।
4. मैकेनिकल और पैकेजिंग जानकारी
4.1 पैकेज आयाम
- LTH-301-23 एक मानक थ्रू-होल पैकेज का उपयोग करता है। डेटाशीट में प्रमुख आयामों का विवरण:
- सभी आयाम मिलीमीटर में प्रदान किए गए हैं, कोष्ठकों में इंच में मान दिए गए हैं।
- मानक सहिष्णुता ±0.25mm (±0.010") है, जब तक कि किसी विशिष्ट विशेषता के विवरण में अन्यथा निर्दिष्ट न किया गया हो।
यह पैकेज डिज़ाइन सीधे पीसीबी माउंटिंग या मानक ड्यूल इन-लाइन सॉकेट में सम्मिलन के लिए है, जो असेंबली और प्रोटोटाइप निर्माण में लचीलापन प्रदान करता है।
एन्क्लोजर के अंदर एमिटर और डिटेक्टर के बीच की भौतिक खाई निश्चित होती है, जो वस्तुओं के गुजरने को रोकने वाली स्लॉट को परिभाषित करती है। इस खाई की सटीक चौड़ाई डायमेंशनल ड्रॉइंग में पाई जाने वाली एक महत्वपूर्ण मैकेनिकल स्पेसिफिकेशन है।
4.2 पोलैरिटी पहचान और पिन कॉन्फ़िगरेशन
सही ढंग से काम करने के लिए, सही पिन पहचान महत्वपूर्ण है। इस डिवाइस में चार पिन हैं। आमतौर पर, एक तरफ के दो पिन इन्फ्रारेड LED (एनोड और कैथोड) से संबंधित होते हैं, और दूसरी तरफ के दो पिन फोटोट्रांजिस्टर (कलेक्टर और एमिटर) से संबंधित होते हैं। डेटाशीट की पैकेजिंग ड्रॉइंग स्पष्ट रूप से पिन 1 को इंगित करेगी, आमतौर पर एन्क्लोजर पर एक नॉच, डॉट या बेवल के साथ। इलेक्ट्रिकल कैरेक्टरिस्टिक्स टेबल पुष्टि करता है कि कॉमन-एमिटर कॉन्फ़िगरेशन में, LED का एनोड पॉजिटिव होता है और NPN फोटोट्रांजिस्टर का कलेक्टर पॉजिटिव होता है।
5. सोल्डरिंग और असेंबली दिशानिर्देश
एब्सोल्यूट मैक्सिमम रेटिंग्स महत्वपूर्ण सोल्डरिंग दिशानिर्देश प्रदान करती हैं: पिन सोल्डरिंग तापमान 5 सेकंड की अवधि के लिए 260°C से अधिक नहीं होना चाहिए, जिसे प्लास्टिक आवरण से 1.6 मिमी (0.063") की दूरी पर मापा जाता है। यह वेव सोल्डरिंग या हैंड सोल्डरिंग के दौरान अत्यधिक गर्मी से आंतरिक एपॉक्सी या सेमीकंडक्टर चिप को नुकसान से बचाने के लिए एक मानक सावधानी है।
- सिफारिशें:
- तापमान-नियंत्रित सोल्डरिंग आयरन का उपयोग करें।
- पिन के साथ सोल्डरिंग आयरन के संपर्क का समय कम से कम रखें।
- वेव सोल्डरिंग के लिए, सुनिश्चित करें कि तापमान प्रोफ़ाइल (प्रीहीट, सोक, पीक तापमान, लिक्विडस से ऊपर का समय) इस आवश्यकता को पूरा करने के लिए नियंत्रित है।
सोल्डरिंग के दौरान या बाद में पिन पर यांत्रिक तनाव लगाने से बचें।भंडारण की स्थिति:
डिवाइस को निर्दिष्ट भंडारण तापमान सीमा -40°C से +100°C के भीतर, अधिमानतः एक शुष्क, इलेक्ट्रोस्टैटिक डिस्चार्ज-सुरक्षित वातावरण में संग्रहीत किया जाना चाहिए, ताकि नमी अवशोषण (जो रीफ्लो सोल्डरिंग के दौरान "पॉपकॉर्न" प्रभाव का कारण बन सकती है) और इलेक्ट्रोस्टैटिक डिस्चार्ज क्षति को रोका जा सके।
6. अनुप्रयोग सिफारिशें
6.1 विशिष्ट अनुप्रयोग सर्किटसबसे आम विन्यास हैकॉमन एमिटर स्विच। इन्फ्रारेड LED को एक वोल्टेज स्रोत से जुड़े करंट-लिमिटिंग रेसिस्टर (Rlimit) द्वारा संचालित किया जाता है। प्रतिरोध मान की गणना RlimitCC= (VF- VF) / I। फोटोट्रांजिस्टर का कलेक्टर एक पुल-अप रेसिस्टर (Rpull-up) और पावर सप्लाई वोल्टेज से जुड़ा होता है, जबकि एमिटर ग्राउंडेड होता है। आउटपुट सिग्नल कलेक्टर नोड से लिया जाता है। जब बीम अवरुद्ध नहीं होता है, तो ट्रांजिस्टर संचालित होता है, आउटपुट वोल्टेज को नीचे (V के करीब) खींचता हैCE(SAT)CC)। जब बीम अवरुद्ध होता है, तो ट्रांजिस्टर कट-ऑफ हो जाता है, और पुल-अप रेसिस्टर आउटपुट वोल्टेज को उच्च (V तक) खींचता है।
)।
- 6.2 डिज़ाइन विचारकरंट सेटिंगF: आवश्यक संवेदनशीलता और बिजली खपत के आधार पर I का चयन करें।F। उच्च I उच्च I प्रदान कर सकता है।C(ON)
- , लेकिन इससे बिजली की खपत बढ़ जाएगी।आउटपुट लोड रेसिस्टर (R)pull-up
- ): इसका मान स्विचिंग गति और आउटपुट करंट क्षमता को प्रभावित करता है। छोटा रेसिस्टर तेज राइज़ टाइम (छोटा RC टाइम कॉन्स्टेंट) और उच्च सिंक करंट प्रदान करता है, लेकिन ट्रांजिस्टर के चालू होने पर अधिक शक्ति खपत करता है।परिवेश प्रकाश प्रतिरक्षा
- : चूंकि यह मॉड्यूलेटेड इन्फ्रारेड प्रकाश का उपयोग करता है, इसलिए यह अधिकांश परिवेशी दृश्य प्रकाश के प्रति अच्छी प्रतिरक्षा रखता है। हालांकि, तीव्र इन्फ्रारेड स्रोत (जैसे सूर्य का प्रकाश, तापदीप्त बल्ब) गलत ट्रिगरिंग का कारण बन सकते हैं। मॉड्यूलेटेड LED ड्राइव सिग्नल और सिंक्रोनस डिटेक्टर सर्किट का उपयोग करके शोर प्रतिरोधक क्षमता को काफी बढ़ाया जा सकता है।वस्तु विशेषताएँ
- : सेंसर इन्फ्रारेड तरंगदैर्ध्य के प्रति अपारदर्शी किसी भी वस्तु का पता लगाता है। वस्तु का आकार, गति और सामग्री सिग्नल की अखंडता को प्रभावित करते हैं।संरेखण
: विश्वसनीय संचालन सुनिश्चित करने के लिए, अवरोधक वस्तु और सेंसर स्लॉट के बीच सटीक यांत्रिक संरेखण आवश्यक है।
7. तकनीकी तुलना और विभेदीकरणयांत्रिक माइक्रोस्विच की तुलना में, LTH-301-23 लंबी सेवा जीवन (लाखों बनाम हजारों चक्र), तेज प्रतिक्रिया समय और शांत संचालन प्रदान करता है। परावर्तक प्रकाशीय सेंसरों की तुलना में, इस तरह के ट्रांसमिसिव फोटोइंटरप्टर आम तौर पर अधिक विश्वसनीय होते हैं और लक्ष्य वस्तु के रंग या परावर्तन में परिवर्तन के प्रति कम संवेदनशील होते हैं, क्योंकि वे परावर्तन के बजाय बीम अवरोधन पर निर्भर करते हैं। फोटोइंटरप्टर श्रेणी में इसके प्रमुख अंतर कारक इसके पैकेज आकार, स्लॉट चौड़ाई, विद्युत संवेदनशीलता (IC(ON)
) और त्वरित स्विचिंग गति का विशिष्ट संयोजन, इसे स्थान-सीमित उच्च-गति अनुप्रयोगों के लिए उपयुक्त बनाता है।
8. सामान्य प्रश्न (FAQ)
Q1: इन्फ्रारेड LED की विशिष्ट संचालन धारा क्या है?FA1: डेटाशीट अधिकांश परीक्षण स्थितियों में I
= 20 mA, यह एक सामान्य और विश्वसनीय कार्य बिंदु है। बिजली की खपत बचाने के लिए इसे और कम ड्राइव किया जा सकता है, या संकेत की ताकत बढ़ाने के लिए (पूर्ण सीमा के भीतर) थोड़े समय के लिए अधिक ड्राइव किया जा सकता है।
Q2: आउटपुट को माइक्रोकंट्रोलर के साथ कैसे इंटरफेस करें?CCA2: डिजिटल आउटपुट (बीम मौजूद होने पर लो, ब्लॉक होने पर हाई) सीधे माइक्रोकंट्रोलर के डिजिटल इनपुट पिन से जोड़ा जा सकता है। सुनिश्चित करें कि आउटपुट वोल्टेज स्तर (हाई V, लो VCE(SAT)
) MCU के लॉजिक लेवल के साथ संगत है। आमतौर पर एक पुल-अप रेसिस्टर की आवश्यकता होती है।
Q3: क्या यह पारदर्शी वस्तुओं का पता लगा सकता है?
A3: इन्फ्रारेड प्रकाश का उपयोग करने वाले मानक फोटोइंटरप्टर, इन्फ्रारेड तरंगदैर्ध्य के लिए पारदर्शी वस्तुओं (जैसे कुछ प्लास्टिक) का विश्वसनीय रूप से पता नहीं लगा सकते हैं। ऐसे अनुप्रयोगों के लिए, भिन्न तरंगदैर्ध्य या भिन्न संवेदन सिद्धांत वाले सेंसर की आवश्यकता हो सकती है।
Q4: राइज टाइम और फॉल टाइम का क्या महत्व है?rA4: ये समय अवधियाँ अधिकतम स्विचिंग आवृत्ति को सीमित करती हैं। अधिकतम सैद्धांतिक आवृत्ति लगभग 1/(tf+ t
)। 3μs और 4μs की विशिष्ट अवधि के साथ, यह उपकरण दसियों kHz तक की आवृत्तियों को संभाल सकता है, जो उच्च-गति गिनती या एनकोडर अनुप्रयोगों के लिए उपयुक्त है।
9. कार्य सिद्धांत
एक फोटोइंटरप्टर एक ट्रांसमिसिव ऑप्टोइलेक्ट्रॉनिक उपकरण है। इसमें एक इन्फ्रारेड प्रकाश स्रोत (LED) और एक प्रकाश संसूचक (फोटोट्रांजिस्टर) होता है, जो एक आवास के अंदर एक सटीक अंतराल के साथ आमने-सामने रखे जाते हैं। जब LED के माध्यम से धारा प्रवाहित होती है, तो यह इन्फ्रारेड प्रकाश उत्सर्जित करता है। यह प्रकाश अंतराल से होकर गुजरता है और फोटोट्रांजिस्टर के बेस क्षेत्र पर पड़ता है। फोटॉन बेस क्षेत्र में इलेक्ट्रॉन-होल युग्म उत्पन्न करते हैं, जो प्रभावी रूप से बेस करंट के रूप में कार्य करता है, जिससे ट्रांजिस्टर संचालित होता है और कलेक्टर करंट प्रवाहित होने देता है। जब एक अपारदर्शी वस्तु अंतराल में प्रवेश करती है, तो यह प्रकाश पथ को अवरुद्ध कर देती है। फोटो-जनित बेस करंट रुक जाता है, ट्रांजिस्टर बंद हो जाता है, और कलेक्टर करंट बहुत कम मान (डार्क करंट) तक गिर जाता है। आउटपुट करंट में इस ऑन/ऑफ परिवर्तन का उपयोग स्विचिंग सिग्नल के रूप में किया जाता है।
10. उद्योग प्रवृत्तियाँ
LED विनिर्देश शब्दावली का विस्तृत विवरण
LED प्रौद्योगिकी शब्दावली की पूर्ण व्याख्या
1. ऑप्टोइलेक्ट्रॉनिक प्रदर्शन के मुख्य संकेतक
| शब्दावली | इकाई/प्रतिनिधित्व | सामान्य व्याख्या | यह महत्वपूर्ण क्यों है |
|---|---|---|---|
| प्रकाश दक्षता (Luminous Efficacy) | lm/W (लुमेन/वाट) | प्रति वाट विद्युत ऊर्जा से उत्सर्जित प्रकाश प्रवाह, जितना अधिक होगा उतनी ही अधिक ऊर्जा बचत होगी। | यह सीधे तौर पर प्रकाश उपकरण की ऊर्जा दक्षता श्रेणी और बिजली लागत निर्धारित करता है। |
| प्रकाश प्रवाह (Luminous Flux) | lm (लुमेन) | प्रकाश स्रोत द्वारा उत्सर्जित कुल प्रकाश मात्रा, जिसे आमतौर पर "चमक" कहा जाता है। | यह निर्धारित करता है कि प्रकाश जुड़नार पर्याप्त रूप से चमकीले हैं या नहीं। |
| उत्सर्जन कोण (Viewing Angle) | ° (डिग्री), उदाहरण के लिए 120° | वह कोण जिस पर प्रकाश तीव्रता आधी रह जाती है, यह प्रकाश पुंज की चौड़ाई निर्धारित करता है। | यह प्रकाश के कवरेज क्षेत्र और एकरूपता को प्रभावित करता है। |
| रंग तापमान (CCT) | K (केल्विन), जैसे 2700K/6500K | प्रकाश के रंग की गर्माहट या ठंडक, कम मान पीला/गर्म, उच्च मान सफेद/ठंडा। | प्रकाश व्यवस्था के वातावरण और उपयुक्त परिदृश्य को निर्धारित करता है। |
| रंग प्रतिपादन सूचकांक (CRI / Ra) | कोई इकाई नहीं, 0–100 | प्रकाश स्रोत द्वारा वस्तुओं के वास्तविक रंगों को पुनर्स्थापित करने की क्षमता, Ra≥80 उत्तम माना जाता है। | रंगों की वास्तविकता को प्रभावित करता है, शॉपिंग मॉल, आर्ट गैलरी जैसे उच्च आवश्यकता वाले स्थानों में प्रयुक्त। |
| क्रोमैटिकिटी टॉलरेंस (SDCM) | मैकएडम एलिप्स स्टेप्स, जैसे "5-step" | रंग एकरूपता का मात्रात्मक मापदंड, स्टेप्स जितने कम होंगे, रंग उतने ही अधिक एकसमान होंगे। | यह सुनिश्चित करता है कि एक ही बैच के लैंपों के रंगों में कोई अंतर न हो। |
| प्रमुख तरंगदैर्ध्य (Dominant Wavelength) | nm (नैनोमीटर), उदाहरणार्थ 620nm (लाल) | रंगीन LED रंगों के संगत तरंगदैर्ध्य मान। | लाल, पीला, हरा आदि मोनोक्रोमैटिक LED के रंग-स्वर (ह्यू) को निर्धारित करता है। |
| स्पेक्ट्रमी वितरण (Spectral Distribution) | तरंगदैर्ध्य बनाम तीव्रता वक्र | एलईडी द्वारा उत्सर्जित प्रकाश की विभिन्न तरंगदैर्ध्य पर तीव्रता वितरण प्रदर्शित करें। | रंग प्रतिपादन और रंग गुणवत्ता को प्रभावित करता है। |
दो, विद्युत मापदंड
| शब्दावली | प्रतीक | सामान्य व्याख्या | डिज़ाइन विचार |
|---|---|---|---|
| फॉरवर्ड वोल्टेज (Forward Voltage) | Vf | एलईडी को चालू करने के लिए आवश्यक न्यूनतम वोल्टेज, एक "स्टार्ट-अप थ्रेशोल्ड" के समान। | ड्राइवर पावर सप्लाई वोल्टेज ≥ Vf होना चाहिए, कई एलईडी श्रृंखला में जुड़े होने पर वोल्टेज जुड़ जाता है। |
| फॉरवर्ड करंट (Forward Current) | If | एलईडी को सामान्य रूप से चमकने के लिए आवश्यक करंट मान। | स्थिर धारा ड्राइव का उपयोग आमतौर पर किया जाता है, धारा चमक और आयु निर्धारित करती है। |
| अधिकतम पल्स धारा (Pulse Current) | Ifp | अल्प अवधि में सहन करने योग्य शिखर धारा, डिमिंग या फ्लैश के लिए उपयोग की जाती है। | पल्स चौड़ाई और ड्यूटी साइकल को सख्ती से नियंत्रित किया जाना चाहिए, अन्यथा अत्यधिक गर्मी से क्षति होगी। |
| रिवर्स वोल्टेज (Reverse Voltage) | Vr | एलईडी सहन कर सकने वाला अधिकतम रिवर्स वोल्टेज, इससे अधिक होने पर ब्रेकडाउन हो सकता है। | सर्किट में रिवर्स कनेक्शन या वोल्टेज स्पाइक्स को रोकने की आवश्यकता है। |
| Thermal Resistance | Rth (°C/W) | चिप से सोल्डर पॉइंट तक गर्मी के प्रवाह का प्रतिरोध, मान जितना कम होगा, हीट डिसिपेशन उतना ही बेहतर होगा। | उच्च तापीय प्रतिरोध के लिए मजबूत शीतलन डिजाइन की आवश्यकता होती है, अन्यथा जंक्शन तापमान बढ़ जाता है। |
| इलेक्ट्रोस्टैटिक डिस्चार्ज इम्यूनिटी (ESD Immunity) | V (HBM), जैसे 1000V | इलेक्ट्रोस्टैटिक शॉक प्रतिरोध क्षमता, मान जितना अधिक होगा, स्थैतिक बिजली से क्षतिग्रस्त होने की संभावना उतनी ही कम होगी। | उत्पादन में इलेक्ट्रोस्टैटिक निर्वहन सुरक्षा उपाय करने चाहिए, विशेष रूप से उच्च संवेदनशीलता वाले LED के लिए। |
तीन, ताप प्रबंधन और विश्वसनीयता
| शब्दावली | महत्वपूर्ण संकेतक | सामान्य व्याख्या | प्रभाव |
|---|---|---|---|
| जंक्शन तापमान (Junction Temperature) | Tj (°C) | LED चिप का आंतरिक वास्तविक कार्य तापमान। | प्रत्येक 10°C कमी पर, जीवनकाल दोगुना हो सकता है; अत्यधिक तापमान से प्रकाश क्षय और रंग विस्थापन होता है। |
| ल्यूमेन डिप्रिसिएशन (Lumen Depreciation) | L70 / L80 (घंटे) | चमक के प्रारंभिक मूल्य के 70% या 80% तक गिरने में लगने वाला समय। | एलईडी के "उपयोगी जीवन" को सीधे परिभाषित करता है। |
| ल्यूमेन मेंटेनेंस (Lumen Maintenance) | % (जैसे 70%) | एक निश्चित अवधि के उपयोग के बाद शेष चमक का प्रतिशत। | दीर्घकालिक उपयोग के बाद चमक बनाए रखने की क्षमता को दर्शाता है। |
| Color Shift | Δu′v′ या MacAdam Ellipse | उपयोग के दौरान रंग में परिवर्तन की मात्रा। | प्रकाश व्यवस्था के दृश्य की रंग एकरूपता को प्रभावित करता है। |
| थर्मल एजिंग (Thermal Aging) | सामग्री प्रदर्शन में गिरावट | लंबे समय तक उच्च तापमान के कारण एनकैप्सुलेशन सामग्री का क्षरण। | इससे चमक में कमी, रंग परिवर्तन या ओपन-सर्किट विफलता हो सकती है। |
चार, पैकेजिंग और सामग्री
| शब्दावली | सामान्य प्रकार | सामान्य व्याख्या | विशेषताएँ और अनुप्रयोग |
|---|---|---|---|
| पैकेजिंग प्रकार | EMC, PPA, सिरेमिक | चिप की सुरक्षा करने वाली और प्रकाशिकी एवं ऊष्मा अंतरापृष्ठ प्रदान करने वाली आवरण सामग्री। | EMC उष्मा प्रतिरोधी, कम लागत; सिरेमिक बेहतर ऊष्मा अपव्यय, लंबी आयु। |
| चिप संरचना | फॉरवर्ड माउंटेड, फ्लिप चिप (Flip Chip) | चिप इलेक्ट्रोड व्यवस्था का तरीका। | फ्लिप चिप में बेहतर थर्मल प्रबंधन और उच्च प्रकाश दक्षता होती है, जो उच्च शक्ति अनुप्रयोगों के लिए उपयुक्त है। |
| फॉस्फर कोटिंग | YAG, सिलिकेट, नाइट्राइड | यह नीले प्रकाश चिप पर लगाया जाता है, जो प्रकाश के एक भाग को पीले/लाल प्रकाश में परिवर्तित करता है और सफेद प्रकाश बनाने के लिए मिश्रित करता है। | विभिन्न फॉस्फर प्रकाश दक्षता, रंग तापमान और रंग प्रतिपादन को प्रभावित करते हैं। |
| लेंस/ऑप्टिकल डिज़ाइन | समतल, माइक्रोलेंस, कुल आंतरिक परावर्तन | पैकेजिंग सतह की प्रकाशिक संरचना, प्रकाश वितरण को नियंत्रित करती है। | उत्सर्जन कोण और प्रकाश वितरण वक्र निर्धारित करता है। |
पाँच, गुणवत्ता नियंत्रण और ग्रेडिंग
| शब्दावली | बिनिंग सामग्री | सामान्य व्याख्या | उद्देश्य |
|---|---|---|---|
| ल्यूमिनस फ्लक्स बिनिंग | कोड जैसे 2G, 2H | चमक के स्तर के अनुसार समूहीकरण, प्रत्येक समूह का न्यूनतम/अधिकतम लुमेन मान होता है। | यह सुनिश्चित करना कि उत्पादों के एक ही बैच की चमक एक समान हो। |
| वोल्टेज ग्रेडिंग | कोड जैसे 6W, 6X | फॉरवर्ड वोल्टेज रेंज के अनुसार समूहीकरण। | ड्राइव पावर मिलान की सुविधा के लिए, सिस्टम दक्षता बढ़ाने के लिए। |
| रंग ग्रेडिंग | 5-step MacAdam ellipse | रंग निर्देशांक के अनुसार समूहीकृत करें, यह सुनिश्चित करते हुए कि रंग बहुत छोटी सीमा के भीतर आता है। | रंग एकरूपता सुनिश्चित करें, एक ही प्रकाश साधन के भीतर रंग में असमानता से बचें। |
| रंग तापमान श्रेणीकरण | 2700K, 3000K, आदि। | रंग तापमान के अनुसार समूहीकृत करें, प्रत्येक समूह की अपनी संबंधित निर्देशांक सीमा होती है। | विभिन्न परिदृश्यों की रंग तापमान आवश्यकताओं को पूरा करें। |
छह, परीक्षण और प्रमाणन
| शब्दावली | मानक/परीक्षण | सामान्य व्याख्या | महत्व |
|---|---|---|---|
| LM-80 | लुमेन रखरखाव परीक्षण | निरंतर तापमान की स्थिति में लंबे समय तक जलाकर, चमक क्षय डेटा रिकॉर्ड किया जाता है। | LED जीवनकाल का अनुमान लगाने के लिए (TM-21 के साथ संयोजन में)। |
| TM-21 | जीवनकाल प्रक्षेपण मानक | LM-80 डेटा के आधार पर वास्तविक उपयोग की स्थितियों में जीवनकाल का अनुमान लगाना। | वैज्ञानिक जीवनकाल पूर्वानुमान प्रदान करना। |
| IESNA मानक | Illuminating Engineering Society Standards | Optical, electrical, and thermal test methods are covered. | Industry-recognized testing basis. |
| RoHS / REACH | Environmental Certification | Ensures products are free from harmful substances (e.g., lead, mercury). | अंतर्राष्ट्रीय बाजार में प्रवेश की पात्रता शर्तें। |
| ENERGY STAR / DLC | ऊर्जा दक्षता प्रमाणन | प्रकाश उत्पादों के लिए ऊर्जा दक्षता और प्रदर्शन प्रमाणन। | आमतौर पर सरकारी खरीद, सब्सिडी कार्यक्रमों में उपयोग किया जाता है, बाजार प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए। |